कबड्डी में रेड कैसे काम करती है
रेड कबड्डी का वो पल है जब एक अकेला खिलाड़ी — रेडर — विपक्षी पाले में जाता है, एक या अधिक डिफेंडर को छूकर वापस लौटने की कोशिश करता है। सांस रोककर 'कबड्डी-कबड्डी' बोलना रेड की पहचान है। सफल रेड में रेडर को छूए गए हर डिफेंडर के बदले एक पॉइंट मिलता है। डू-ऑर-डाई रेड वो स्थिति है जब टीम को लगातार
दो खाली रेड के बाद तीसरी रेड में कम से कम एक टच अनिवार्य है। सुपर रेड में तीन या अधिक डिफेंडर एक ही रेड में आउट होते हैं, जो टीम के मनोबल को तुरंत बदल देता है। लखनऊ और कानपुर के खिलाड़ी इन तकनीकों को मैदान पर उतारते देखे गए हैं।